जेद्दाह – सऊदी अरब जाने वाले उमराह तीर्थयात्रियों की संख्या के मामले में एशियाई देश अपनी शीर्ष स्थिति बनाए रख रहे हैं। तीन महीने पहले सीजन शुरू होने के बाद पाकिस्तान कुल 426,969 तीर्थयात्रियों के साथ सूची में शीर्ष पर रहा।

सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक, हज और उमराह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक इंडोनेशिया 256,677 तीर्थयात्रियों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, इसके बाद 210,841 तीर्थयात्रियों के साथ भारत आया।

मंत्रालय ने कहा कि सऊदी ने विभिन्न राष्ट्रीयताओं के लिए कुल 1,723,749 उमरा वीजा जारी किए हैं, जिनमें से 1,348,161 तीर्थयात्री देश में पहुंचे हैं, जबकि उनमें से 1,029,951 मामूली तीर्थयात्रा करने के बाद घर लौट आए हैं। यह कहा गया है कि 318,210 तीर्थयात्री सऊदी में बने रहे।

शेष तीर्थयात्रियों में से 224,095 मक्का में रह रहे हैं और मदीना में 94,115 हैं। सऊदी अरब के पर्यटन उद्योग में वार्षिक तीर्थयात्रा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, सरकार 2020 तक सालाना 2020 तक 30 मिलियन और 30 मिलियन तक सालाना 15 मिलियन हज और उमरा आगंतुकों को प्राप्त करने का लक्ष्य रखती है।

साप्ताहिक डेटा में उमर कंपनियों और संस्थानों के साथ काम करने वाले सौदी की संख्या भी शामिल थी। 8,899 सऊदी कर्मचारी हैं जिनमें 7,432 पुरुष और 1,467 महिलाएं शामिल हैं।

एशियाई तीर्थयात्रियों तक पहुंचने का लक्ष्य, पवित्र शहरों में व्यापारियों, पासपोर्ट अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों समेत संबंधित पार्टियां और जेद्दाह उर्दू, बहिया इंडोनेशिया और अन्य एशियाई भाषाओं बोलती हैं। हाल ही में, इंडोनेशिया में बोली जाने वाली प्रमुख भाषा बहासा सीखने में भारी रूचि है।

मंत्रालय ने कहा कि ज़ायेरीनों में 78,575 मलेशियाई, 70,303 यमनी, 39,985 अल्जीरियाई, 34,455 तुर्की, 29, 852 एमिरेटिस, 27,169 बांग्लादेश और 20,136 जॉर्डनियन शामिल थे।

सऊदी परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 


न्यूज़ अरेबिया एकमात्र न्यूज़ पोर्टल है जो अरब देशों में रह रहे भारतीयों से सम्बंधित हर एक खबर आप तक पहुंचाता है इसे अधिक बेहतर बनाने के लिए डोनेट करें
डोनेशन देने से पहले इस link पर क्लिक करके पढ़ें Click Here
Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here