ईरान के परमाणु समझौते से जहां अमेरिका एकपक्षीय ढंग से निकल गया है और उसने तेहरान पर फिर से प्रतिबंध लगा दिए हैं वहीं पूरी दुनिया ट्रम्प के इस फ़ैसले के विरोध में खड़ी होती दिखाई दे रही है।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों का विश्व के ज़्यादातर देश विरोध कर रहे हैं, विरोध करने वाले देशों में ब्रिटेन, फ्रांस, चीन और रूस जैसे बड़े देश भी शामिल हैं। यह सभी देश ईरान के परमाणु समझौते को जारी रखना चाहते हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ के निरीक्षकों का भी मानना है कि ईरान, परमाणु समझौते की सभी शर्तों पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस बीच भारतीय मीडिया से प्राप्त समाचारों के अनुसार नई दिल्ली सरकार ने भी वॉशिंग्टन को ज़ोर का झटका दिया है। ईरान पर अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बीच भारत और ईरान के बीच डॉलर की जगह रुपये और रियाल में द्विपक्षीय व्यापार करने पर बहुत जल्द समझौता हो सकता है। रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि इस समझौते के तहत भारत को ईरान से कच्चा तेल ख़रीदने के लिए डॉलर पर निर्भर नहीं रहना होगा। भारत रुपये के माध्यम से ईरान को भुगतान करके कच्चा तेल ख़रीद सकेगा।

इसके साथ ही इस समझौते के अंतर्गत ईरान से ख़रीदे जाने वाले कुल कच्चे तेल की क़ीमत का आधा पैसा ही भारत को देना होगा, बाक़ी आधी रक़म के बदले ईरान भारतीय उत्पादों का आयात करगा। याद रहे कि ईरान पर अमेरिका द्वारा एकपक्षीय प्रतिबंधों को लगे एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है,

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