फ़िलिस्तीनी संगठनों ने इंतेफ़ाज़ा आंदोलन की 31वीं वर्षगांठ मनाई और इस्राईल के ख़िलाफ़ हथियारबंद संघर्ष जारी रखने पर ज़ोर दिया। पहले इंतेफ़ाज़ा आंदोलन की वर्षगांठ पर हमास आंदोलन ने एक बयान जारी करके कहा कि इस्राईल के ख़िलाफ़ लड़ाई फ़िलिस्तीनियों के अधिकार हासिल करने का प्रभावी मार्ग है।

पहला इंतेफ़ाज़ा आंदोलन वर्ष 1987 में उस समय शुरू हुआ था जब ग़ज़्ज़ा में एक चेकप्वाइंट पर इस्राईली सैनिकों ने चार फ़िलिस्तीनी युवाओं की हत्या कर दी थी और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के दौरान एक 17 वर्षीय किशोर को शहीद कर दिया था।

हमास ने अपने बयान में कहा कि सशस्त्र लड़ाई अधिकारों की प्राप्ति के लिए फ़िलिस्तीनी संगठनों का क़ानूनी अधिकार है।

दूसरा इंतेफ़ाज़ा आंदोलन वर्ष 2000 में शुरू हुआ था जिसे अलअक़सा इंतेफ़ाज़ा कहा जाता है। दूसरा इंतेफ़ाज़ा आंदोलन तब शुरु हुआ था जब पूर्व ज़ायोनी प्रधानमंत्री एरियल शेरोन मस्जिदुल अक़्सा में घुसे थे।

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